Friday, April 4, 2025

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भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू की वेशभूषा में बर्खास्त शिक्षकों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन

रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बर्खास्त बीएड सहायक शिक्षकों ने अनोखी रैली निकाली। समायोजन की मांग को लेकर 23 मार्च 2025 रविवार को शिक्षकों ने भाटागांव से पैदल चलते हुये भगत सिंह चौक तक रैली निकाली। साथ ही बीएड सहायक शिक्षको के द्वारा श्रद्धांजलि भी दी गई। प्रदर्शन में सैकड़ों सहायक शिक्षक और उनके परिजन शामिल हुये। इस दौरान बर्खास्त शिक्षकों ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को याद करते हुये उनकी वेशभूषा में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
           मांग            
सेवा सुरक्षा एवं समायोजन-बर्खास्त किए गए सभी सहायक शिक्षकों की सेवा पुनः बहाल की जाए।
स्थायी समाधान – सरकार शीघ्र ही शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाए।
संविधानिक अधिकारों की रक्षा – शिक्षकों को रोजगार से वंचित करना अन्यायपूर्ण है, इसे तत्काल सुधारा जाए।
रैली में शामिल बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने कहा कि आज शहीदी दिवस के दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू की वेशभूषा में भाटागांव (बस स्टैंड) से भगत सिंह चौक तक रैली निकाली। सरकार से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द उनका समायोजन किया जाए। लम्बे समय से वे लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। रोज अलग-अलग तरह से प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी मांग को पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों को अभी तक के नहीं सुना गया है। आने वाले दिनों में भी मांग पूरी नहीं होती है तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
मालूम हो कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला सुनाते हुये कहा था कि सहायक शिक्षकों के पद पर केवल डीएड डिग्रीधारी ही पात्र होगें। बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी। हाईकोर्ट के फैसले से कुल 2,897 शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया था। नौकरी जाने के विरोध में सहायक शिक्षकों ने प्रदर्शन शुरू किया और सरकार से समायोज की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए पूर्व में सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है। हालांकि अभी तक के कमेटी का कोई फैसला इस विषय में नहीं आया है।
दिसंबर से जारी इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने जल सत्याग्रह, सामूहिक उपवास, सामूहिक मुंडन, यज्ञ-हवन और दंडवत प्रदर्शन जैसे विभिन्न तरीकों से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किये। 7 मार्च को शिक्षकों ने विधानसभा रोड पर मंत्रियों के काफिले के सामने पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।

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