

मामला – पत्रकारों के साथ बदसलूकी का
सरगुजा//
अम्बिकापुर में पत्रकारों के साथ बदसलूकी का मामला,गरमा गया है सरगुजा प्रेस क्लब ने मामले को उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग एसपी सरगुजा से की । पत्रकारों के साथ बदसलूकी और अभद्र व्यवहार की घटनाओं ने पत्रकार समुदाय को आक्रोशित कर दिया है। इन घटनाओं के विरोध में सरगुजा प्रेस क्लब के सदस्यों ने आज पुलिस अधीक्षक, सरगुजा को एक ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आइए, इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हैं।अंबिकापुर में हाल के दिनों में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और धमकी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसने स्थानीय पत्रकार समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।
पहला मामला – एक वरिष्ठ पत्रकार से जुड़ा है, जिनके साथ अंबिकापुर कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक शत्रुघ्न सिंह और आरक्षक विवेक राय ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने पत्रकार को गाली-गलौज के साथ-साथ झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी। इस घटना ने पत्रकारों के बीच खासी नाराजगी पैदा की है, और इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला माना जा रहा है।इसके अलावा, कुछ दिनों पहले अंबिकापुर की एक महिला पत्रकार को भी निशाना बनाया गया। उन्हें समाचार प्रसारित न करने के लिए सोशल मिडिया के जरिए अभद्र संदेश भेजे गए और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज की गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, एक अन्य मामले में अंबिकापुर के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों को एक महिला द्वारा झूठे आरोपों के तहत एफआईआर में फंसाने की शिकायत सामने आई है। इन सभी घटनाओं ने पत्रकारों के बीच असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। इन लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए सरगुजा प्रेस क्लब ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और आज पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रेस क्लब ने स्पष्ट रूप से कहा कि पत्रकार समाज में सच को सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं, और उनके साथ इस तरह का व्यवहार न केवल उनकी सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भी कमजोर करता है।
प्रेस क्लब ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इन सभी मामलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाए, साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों द्वारा पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की भी अपील की गई है।स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि इन घटनाओं के बाद वे अपने कार्यक्षेत्र में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एक पत्रकार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस और कुछ असामाजिक तत्वों के इस रवैये से उनका मनोबल टूट रहा है। सरगुजा प्रेस क्लब के सदस्यों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे बड़ा आंदोलन छेड़ सकते हैं। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस अधीक्षक इन शिकायतों को गंभीरता से लेंगे और पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए कदम उठाएंगे, या फिर अपने विभाग के कर्मियों को बचाने की कोशिश करेंगे? स्थानीय लोग और पत्रकार समुदाय इस मामले पर पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। हम इस खबर पर नजर बनाए रखेंगे और आपको हर अपडेट से अवगत कराते रहेंगे।फिलहाल, अंबिकापुर में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके सम्मान की लड़ाई जारी है। यह घटना न केवल पत्रकारों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चिंता का विषय है। हमारी कोशिश रहेगी कि इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए।