

मामला अवैध खनन की शिकायत का
उत्तरकाशी (उत्तराखंड )//
उत्तरकाशी जिले में अवैध खनन को लेकर माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं. पुलिस की शह पर खनन माफिया खुलेआम दबंगई दिखा रहे हैं, और जब कोई उनके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसकी जान पर बन आती है. ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला मंगलवार शाम बड़कोट थाना क्षेत्र में सामने आया, जब अवैध खनन की शिकायत करने वाले दो व्यक्तियों पर जानलेवा हमला किया गया. इस मामले में पुलिस ने नगर पालिका बड़कोट के अध्यक्ष विनोद डोभाल और उनके साथी अंकित रमोला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
मंगलवार शाम प्रवीण सिंह रावत, निवासी ग्राम कंनसेरू, और विनोद रावत देहरादून से उत्तरकाशी जा रहे थे. रास्ते में नौगांव से राजगड्डी मोटर मार्ग पर जट्टा पलेठा क्षेत्र में उन्होंने नदी में अवैध खनन होते देखा. उन्होंने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी.
कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और प्रवीण सिंह व उनके साथी से खनन स्थल तक चलने को कहा. जैसे ही वे वहां पहुंचे, खनन में लिप्त लोग मौके से फरार हो गए. इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल और अंकित रमोला वहां पहुंचे और शिकायतकर्ताओं से बहस करने लगे. माहौल गरमाने पर प्रवीण सिंह और उनके साथी झगड़े से बचने के लिए बड़कोट की ओर निकल गए
जैसे ही प्रवीण सिंह और उनके साथी बड़कोट के लिए रवाना हुए, विनोद डोभाल और अंकित रमोला ने अपनी स्कॉर्पियो (नंबर UK10A0008) से उनका पीछा करना शुरू कर दिया. प्रवीण सिंह को खतरे का अंदेशा हुआ, तो उन्होंने पुलिस को दोबारा सूचना दी.
पुलिस ने 2 लोगों के खिलाफ मुकदमा किया दर्ज
मामला तब और गंभीर हो गया जब पौण्टी पुल के पास तहसीलदार की गाड़ी को ओवरटेक करते हुए स्कॉर्पियो कार ने प्रवीण सिंह की गाड़ी को टक्कर मार दी. इस हमले में वाहन खाई में गिरने से बाल-बाल बचा, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और घेराबंदी कर कुछ ही घंटों में नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल और उनके साथी अंकित रमोला को गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 109 BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. खनन माफियाओं की इस दुस्साहसिक हरकत से स्थानीय लोग भयभीत हैं और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पुरोला में पीएसी की तैनाती कर दी है, ताकि किसी भी संभावित हिंसा को रोका जा सके.