

20 फरवरी तक कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
रायपुर//
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले मामले में जेल में बंद कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने 24 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने के लिए विशेष कोर्ट में आवेदन दिया है। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की विशेष अदालत ने 20 फरवरी तक इस पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है।
पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा 21 जनवरी से जेल में बंद हैं। ईडी का आरोप है कि वे छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में एक अहम कड़ी थे और उनके निर्देश पर ही पूरा सिंडिकेट संचालित होता था। ईडी ने यह भी दावा किया है कि आबकारी विभाग में हुए घोटाले की पूरी जानकारी कवासी लखमा को थी, लेकिन उन्होंने इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की। शराब नीति में बदलाव कर उन्होंने FL-10 लाइसेंस की शुरुआत की, जिससे कथित रूप से घोटाले को बढ़ावा मिला। सिंडिकेट को उनका पूरा संरक्षण प्राप्त था और उनके प्रभाव में कई फैसले लिए गए। पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने ईडी की विशेष अदालत में याचिका दायर कर विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने के लिए अनुमति मांगी है। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि वे एक जनप्रतिनिधि हैं और उन्हें अपने क्षेत्र के लोगों के मुद्दों को विधानसभा में उठाने का अधिकार मिलना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 20 फरवरी तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।