Friday, April 4, 2025

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जिले में एसीबी की धमक, रंगे हाथ पकड़ा गया मंडल निरीक्षक

सक्ती /
आदिम जाति कल्याण विभाग वैसे तो कई मामलों में घिरा हुआ है।और हमेशा उस पर भ्रष्टाचार से संबंधित प्रश्न हमेशा उठते ही रहते हैं परंतु एसीबी की टीम ने मंडल निरीक्षक को रंगे हाथों पकड़ते हुए यह साबित भी कर दिया कि इस विभाग में सब कुछ सही नहीं चल रहा है घटना का विवरण इस प्रकार है कि ग्राम कुटराबोड़ जिला सक्ति के राजेंद्र जांगड़े द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में यह शिकायत की गई थी कि उसका बेटा रवींद्र जांगड़े बालक अनुसूचित जाति बालक आश्रम कुटराबोड़ में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में चौकीदारी और रसोइया का कार्य करता है।आज से करीब एक माह पूर्व इस छात्रावास में लगे इलेक्ट्रिक बोर्ड को अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया था जिससे उसके बेटे रवींद्र जांगड़े को उसके पद से हटा दिया गया था, जिस पर रवींद्र जांगड़े ने उसे ( प्रार्थी राजेंद्र जांगड़े ) को विभाग के अधिकारियों से मिलकर काम पर फिर से रखने के लिए निवेदन करने के लिए भेजा था जिस पर वह आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ति के जैजैपुर कार्यालय में पदस्थ मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर से मिला तो मंडल निरीक्षक द्वारा रवींद्र जांगड़े को पुनः सेवा में लेने के एवज में 1.5 लाख रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है।शिकायत का सत्यापन कराए जाने के दौरान आरोपी द्वारा 50000 रुपए प्रार्थी से प्राप्त कर लिया गया तथा अगले किश्त के रूप में 50000 रुपए और लेने हेतु सहमति दी गई जिसके आधार पर कार्यवाही की योजना बनाई जाकर एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा आज दिनांक 28.3.2025 को आरोपी संदीप खांडेकर को रिश्वती रकम ₹50000 देने हेतु प्रार्थी को रिश्वती रकम सहित भेजा गया था जो आरोपी द्वारा प्रार्थी को जेठा जिला सक्ति कलेक्ट्रेट से लगे आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में बुलाए जाने पर प्रार्थी द्वारा वहां जाकर आरोपी को रिश्वती रकम 50000 रुपए देने पर आरोपी द्वारा उसे अपनी मारुति कार में रखवाया गया जिस पर रिश्वती रकम को कार में रखते ही पहले से घेराबंदी में लगी हुई एसीबी बिलासपुर की टीम ने आरोपी संदीप खांडेकर को पकड़ लिया गया तथा रिश्वती रकम बरामद कर लिया गया ।आरोपिया के विरुद्ध एसीबी के द्वारा धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है ।करीब 2 माह के भीतर ही कुटराबोड जैजैपुर में राजस्व निरीक्षक बद्रीनारायण जांगड़े को भी रिश्वत लेते हुए एसीबी बिलासपुर के टीम के द्वारा पकड़ा गया था।।लगातार हो रही इस कार्यवाही से आम जनता को राहत महसूस हो रही है। एसीबी की सूत्रों के अनुसार भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई निरंतर आगे भी जारी रहेगी।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी होनी चाहिए जांच

आदिम जाति कल्याण विभाग में भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई बार बवाल मच चुका है परंतु कई बार यह बात सामने आते आते दब जाती है इसका मुख्य कारण पीड़ित व्यक्ति को हमेशा यह भरोसा दिलाया जाता है कि आपका काम हो जाएगा और वह आगे शिकायत नहीं करता है परंतु पूरे जिले में इस विभाग में जितने भी रसोईये और चौकीदार के नाम से भर्ती हुए हैं उसकी अगर ईमानदारी से जांच की जाए तो अच्छे अच्छे लोग सवालों के घेरे में आ जाएंगे इसमें अधिकारी से लेकर एक नामचिन बाबू का बहुत बड़ा हाथ है। ऐसा नहीं है कि इन सब बातों की जानकारी वहां के अधिकारियों को नहीं है परंतु यह समझ से परे है कि इनके ऊपर कार्यवाही क्यों नहीं होती बताया जाता है कि इस विभाग में छोटे-छोटे पदों के लिए मोटे रकम लिए जाते हैं अभी हाल ही में वहां आए नए अधिकारी ने अतिरिक्त भरती के नाम पर कई लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने का प्रयास किया था और इस संबंध में जांच भी जारी था किंतु आज तक यह पता नहीं चल पाया कि कितने लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है सूत्रों का यह भी कहना है कि इन लोगों से भी लाखों रुपए लिए गए थे।

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