

प्रदेश सरकार ने की बड़ी कार्रवाई
सेंट्रल जेल के उपाधीक्षक का ट्रांसफर
जयपुर //
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. लगातार जेल में बंद कैदियों की ओर से बड़े अधिकारियों को मिल रही धमकियों के बाद राजस्थान पुलिस के 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. जयपुर सेंट्रल जेल के उपाधीक्षक इन्द्र कुमार का ट्रांसफर कर दिया गया है.
दरअसल, जेल में बंद कैदियों की ओर से आए दिन बड़े नेताओं को जान से मारने की धमकियां मिल रही थी. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कई बार जान से मारने की धमकी मिली थी. वहीँ अब उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा को जान से मारने की धमकी मिली. धमकी भरे कॉल के मामले में अलग-अलग जेलों में जांच की गई थी. जहाँ जांच के दौरान अलग-अलग जेलों से आरोपी कैदियों को गिरफ्तार किया गया था. उनके पास से मोबाईल फ़ोन भी बरामद किया गया था.
जेल में हो रही लापरवाही को लेकर जेल डीजी गोविंद गुप्ता ने शुक्रवार को अहम बैठक ली. बैठक के बाद देर शाम 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. सभी अलग-अलग तीन जिलों के जेल में तैनात थे. इसके साथ ही जयपुर सेंट्रल जेल के उपाधीक्षक इन्द्र कुमार का ट्रांसफर किया गया है. उन्हें जिला कारागृह सीकर भेजा गया है.
जिन 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. उनमे जयपुर सेंट्रल जेल के पांच पुलिसकर्मी शामिल है. कारापाल भंवर सिंह, उप कारापाल रमेश चंद, मुख्य प्रहरी वीरेंद्र सिंह भाटी, प्रहरी चंद्रपाल और सुरेंद्र सिंह निलंबित किया गया है. जयपुर सेंट्रल जेल के उपाधीक्षक इन्द्र कुमार का ट्रांसफर जिला कारागृह सीकर किया गया है. वहीं मामले के जांच के आदेश DIG जेल रेंज जयपुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बीकानेर जेल 4 पुलिस कर्मी सस्पेंड उप कारापाल जयसिंह, मुख्य प्रहरी विजय पाल, प्रहरी जगदीश प्रसाद और अनिल मीणा निलंबित किया गया है. इनका मुख्यालय सेंट्रल जेल श्रीगंगानगर तय किया गया है. जांच का जिम्मा झुंझुनूं जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह को सौंपा गया है.
जोधपुर सेंट्रल जेल के मामले में कारापाल रामचंद्र और मुख्य प्रहरी चैनदान चारण को निलंबित कर दिया गया है. दोनों अधिकारियों को मुख्यालय महानिदेशालय कारागार जयपुर भेजा गया है. दोनों अधिकारियों को मुख्यालय महानिदेशालय कारागार जयपुर में रखा गया है.